दिल अरमानों का समंदर
जिस्म एक किनारा ...
लहरों की सरगोशी
दो भींगे बदन
चर्खाब तेरा लम्स
उठती गिरती साँसें
चंद कतरा रेत
रेत पर लिक्खा
नाम
मेरा-तुम्हारा।।।।। " शिव "
जिस्म एक किनारा ...
लहरों की सरगोशी
दो भींगे बदन
चर्खाब तेरा लम्स
उठती गिरती साँसें
चंद कतरा रेत
रेत पर लिक्खा
नाम
मेरा-तुम्हारा।।।।। " शिव "
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