बुधवार, जनवरी 25, 2012
एहसास
स्थान:new delhi,india
New Delhi, Delhi, India
शुक्रवार, जनवरी 06, 2012
वो शाम
गर्मियों की एक हवादार शाम, रोज की तरह हाथ में एक किताब लिए छत पर बैठा हूँ.. ..खुली छत है, किताब भी खुली है लेकिन नज़रें, खुले बालों वाली लड़की पर टिकी हैं.....उसके गहरे काले, जरा घुंघराले बाल, उसकी पतली कमर को छूकर जा रहे हैं....रह-रहकर आती हवा में बाल थोड़े बिखर से जाते हैं.......
उसकी छत पर कुछ बच्चे खेल रहे हैं........ एक बच्चा भागकर आता है, उससे लिपट जाता है, मुस्कुराती हुई झुककर उसे गोद में उठाती है, कुछ कहकर उसके गाल चूम लेती है, बच्चा खिलखिलाकर हँस उठता है..........हवा का झोंका आता है,, गहरे काले, जरा घुंघराले बाल लहरा उठते हैं.....
बच्चे को गोद से उतारकर, दो उँगलियों से लटों को संभालती, मुस्कुराती हुई, मेरी तरफ मुडती है,,...मुझे देख मुस्कुराना बंद कर देती है, कुछ पल एकटक देखती है फिर झटके से मुड़कर दो कदम भागती है...उसके गहरे काले घुंघराले बाल.......
हल्का अँधेरा हो चला है, चेहरे धुंधले जान पड़ रहे हैं,............ चार कदम चलकर मेरे सामने वाले किनारे पर आई है, लगातार मेरी तरफ देखे जा रही है, मैं हाथ उठाकर इशारा कर देता हूँ.,. मचलकर सीढियों को ओर भागती है,....गहरे काले, जरा घुंघराले बाल, हवा में तैर उठते हैं........
मैं मुस्कुराता रह जाता हूँ......
उसकी छत पर कुछ बच्चे खेल रहे हैं........ एक बच्चा भागकर आता है, उससे लिपट जाता है, मुस्कुराती हुई झुककर उसे गोद में उठाती है, कुछ कहकर उसके गाल चूम लेती है, बच्चा खिलखिलाकर हँस उठता है..........हवा का झोंका आता है,, गहरे काले, जरा घुंघराले बाल लहरा उठते हैं.....
बच्चे को गोद से उतारकर, दो उँगलियों से लटों को संभालती, मुस्कुराती हुई, मेरी तरफ मुडती है,,...मुझे देख मुस्कुराना बंद कर देती है, कुछ पल एकटक देखती है फिर झटके से मुड़कर दो कदम भागती है...उसके गहरे काले घुंघराले बाल.......
हल्का अँधेरा हो चला है, चेहरे धुंधले जान पड़ रहे हैं,............ चार कदम चलकर मेरे सामने वाले किनारे पर आई है, लगातार मेरी तरफ देखे जा रही है, मैं हाथ उठाकर इशारा कर देता हूँ.,. मचलकर सीढियों को ओर भागती है,....गहरे काले, जरा घुंघराले बाल, हवा में तैर उठते हैं........
मैं मुस्कुराता रह जाता हूँ......
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