शुक्रवार, दिसंबर 23, 2011

सिर्फ तुम्हारे लिए..

मेरी  मोहब्बत का बीज..
जो,आज मैंने अनजाने  तेरे जेहन में बोया..

जुदाई के अश्कों से..
रोज़ सींचना इसको..


फिर एक दिन ..

अंकुर फूटेगा इसमें.
मेरी मोहब्बत का अंकुर..


जितनी शिद्दत से याद करोगी मुझे,
पौधा उतनी तेज़ी से बढेगा...

ज़ज्बातों की अनगिनत टहनियां फूटेंगी इसमें..

जिनमे,,ख्वाबों की छोटी छोटी सुनहरी पत्तियां लगेंगी ..
हाँ,,,,,,
सुनहरी पत्तियां...

जो,,,अधूरे अरमानो की धूप में अभ्र सी चमक उठेंगी...





एक दिन ..
आवारा बादलों सा ,..भटकता आऊंगा..,

आंधी उठेगी...

जब तरसता हुआ पाउँगा तुझे...



पहरों बरसता रहूँगा...

भींगती रहेगी तू....
'''''''''''''
''''''''''''
''''''''''''
बस.....भींगती रहेगी......

2 टिप्‍पणियां:

Ankur ने कहा…

waah kya baat bebak ji ek number classy 1

Unknown ने कहा…

oho thank u classy wala,