शुक्रवार, सितंबर 23, 2011

SHAYRI

दिल की आग,,,,तेरे मोहब्बत की शबनम से बुझाएंगे सनम,,,,,हमें लाख भुलाना चाहो ..पर हम तुम्हें याद आयेंगे सनम,,,तेरे गिले शिकवे का मुझे गम नहीं ,,,,तुमने दी जितनी भी मोहब्बत वो कम नहीं ,,,इस जनम नहीं तो अगले जनम में सही...पर एक दिन तुम्हें पाएंगे सनम .....,,,,दिल की तेरे मोहब्बत की शबनम से बुझाएंगे सनम....

1 टिप्पणी:

बेनामी ने कहा…

nice one...tumhari sayari mai dum..kyuki tumhare peeche khade hai hum..:-)